नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा आर्थिक कदम उठाते हुए विदेशी फिल्मों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह फैसला अमेरिकी फिल्म उद्योग की रक्षा और देश के भीतर रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है।
ट्रंप ने कहा कि हॉलीवुड लंबे समय से विदेशी फिल्मों के दबाव में आ रहा है, जिससे न केवल अमेरिकी फिल्मों की कमाई प्रभावित हो रही है बल्कि फिल्म से जुड़े हजारों तकनीशियनों और कलाकारों की आय पर भी असर पड़ रहा है। उनका मानना है कि विदेशी फिल्मों की बढ़ती लोकप्रियता अमेरिकी संस्कृति और उद्योग के लिए चुनौती बन गई है।
इस फैसले का सीधा असर उन देशों पर पड़ेगा जिनकी फिल्में अमेरिकी बाजार में लोकप्रिय हैं। खासतौर पर भारतीय फिल्म उद्योग (बॉलीवुड) और कोरियाई सिनेमा, जो पिछले कुछ सालों में अमेरिका में अच्छी खासी जगह बना चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि टैरिफ बढ़ने से विदेशी फिल्मों के टिकट दाम में इजाफा होगा और अमेरिकी दर्शकों के लिए इन्हें देखना महंगा पड़ सकता है।
भारतीय फिल्म उद्योग ने इस कदम पर चिंता जताई है। फिल्म निर्माताओं का कहना है कि यह निर्णय सांस्कृतिक आदान-प्रदान और वैश्विक फिल्म बाजार पर नकारात्मक असर डालेगा। वहीं, कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम ट्रंप की “अमेरिका फर्स्ट” नीति को मजबूत करेगा, लेकिन वैश्विक स्तर पर व्यापारिक विवादों को भी जन्म दे सकता है।
इस ऐलान के बाद अंतरराष्ट्रीय फिल्म बाजार में हलचल तेज हो गई है और सभी की निगाहें अब आने वाले महीनों पर टिकी हैं।
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