कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लद्दाख में हाल ही में हुई हिंसा की घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा को लेकर पूरी तरह विफल साबित हुई है। राहुल गांधी ने कहा कि लद्दाख जैसे संवेदनशील इलाके में हिंसा का भड़कना गंभीर चिंता का विषय है, लेकिन सरकार इसे लेकर चुप्पी साधे हुए है।
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, “लद्दाख भारत की सामरिक दृष्टि से बेहद अहम जगह है। यहां अगर शांति भंग होती है तो यह पूरे देश की सुरक्षा को प्रभावित करता है। लेकिन केंद्र सरकार इस पर ध्यान देने के बजाय केवल चुनावी राजनीति में उलझी हुई है।” उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों की मांगों और समस्याओं को लगातार अनसुना किया जा रहा है, जिसके कारण असंतोष बढ़ता जा रहा है और स्थिति हिंसा का रूप ले रही है।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि सरकार को चाहिए कि वह तुरंत स्थिति पर काबू पाने के लिए ठोस कदम उठाए और वहां की जनता को भरोसा दिलाए। उन्होंने कहा कि केवल बयानबाजी से हालात नहीं सुधरेंगे, बल्कि ज़मीनी स्तर पर कार्रवाई करनी होगी। राहुल गांधी ने लद्दाख में हाल ही में शांति मार्च निकालने वाले संगठनों को भी समर्थन दिया और कहा कि लोगों की आवाज़ दबाना लोकतंत्र के खिलाफ है।
इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी ने केंद्र से एक विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है और पूछा है कि आखिर लद्दाख जैसे संवेदनशील क्षेत्र में हिंसा क्यों भड़की।
इधर, बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी के बयान को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि सरकार स्थिति पर पूरी तरह नज़र रखे हुए है और किसी भी सूरत में हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लद्दाख हिंसा को लेकर सियासत तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह राष्ट्रीय बहस का बड़ा मुद्दा बन सकता है।
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