संसद में वक्फ विधेयक पर जारी सियासी घमासान के बीच बीजू जनता दल (बीजेडी) ने अपने रुख में अचानक बड़ा बदलाव कर दिया है। पार्टी ने अपने सांसदों को मतदान के लिए खुली छूट देते हुए कोई व्हिप जारी नहीं किया है। बीजेडी का कहना है कि उसके सांसद अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर फैसला लें।
इस कदम ने विपक्षी दलों को हैरान कर दिया है, क्योंकि इससे पहले ओडिशा के मुख्यमंत्री और बीजेडी प्रमुख नवीन पटनायक ने साफ कहा था कि उनकी पार्टी इस विधेयक का पुरजोर विरोध करेगी। लेकिन अब ऐसा लगता है कि बीजेडी बैकफुट पर आ गई है। पार्टी के इस बदले हुए रुख से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
BJP को मिला अप्रत्यक्ष समर्थन?
बीजेपी ने बीजेडी के इस फैसले को अपने पक्ष में माना है। सत्तारूढ़ दल का कहना है कि बीजेडी सांसद समझदारी से मतदान करेंगे। इस बदलाव के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि बीजेडी अप्रत्यक्ष रूप से सरकार के समर्थन में खड़ी हो सकती है।
विपक्ष में खलबली, ‘यू-टर्न’ पर उठे सवाल
इस घटनाक्रम ने विपक्षी दलों को चौंका दिया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने बीजेडी पर ‘यू-टर्न’ लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह जनता को गुमराह करने वाला कदम है। विपक्ष का कहना है कि बीजेडी पहले विधेयक का विरोध करने की बात कर रही थी, लेकिन अब वह अपने सांसदों को खुली छूट देकर असमंजस की स्थिति बना रही है।
अब सबकी निगाहें बीजेडी सांसदों पर टिकी हैं कि वे मतदान के दौरान किस ओर झुकते हैं। क्या वे सरकार के पक्ष में जाएंगे, या फिर अपने पहले के रुख पर कायम रहेंगे? इस सवाल का जवाब आने वाले दिनों में मिल जाएगा, लेकिन इतना तय है कि बीजेडी के इस ‘साइलेंट मोड’ ने सियासी गलियारों में चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
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