बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति में संभावित एंट्री को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। हाल ही में पटना में जनता दल (यूनाइटेड) के कार्यालय के बाहर निशांत के समर्थन में पोस्टर लगाए गए, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। इन पोस्टरों में लिखा था— ‘बिहार की मांग, सुन लिए निशांत— बहुत बहुत धन्यवाद’। इन नारों को लेकर जदयू और विपक्षी दलों के नेताओं के बीच बयानबाजी भी शुरू हो गई है।https://theuntoldmedia.com/ipl-2025-the-opening-match-between-kkr-and-rcb-will-be-held-on-march-22-the-final-will-be-played-at-eden-gardens/
पोस्टरों ने दिए राजनीतिक संकेत
पटना में जदयू कार्यालय के बाहर लगे पोस्टरों को निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री का संकेत माना जा रहा है। हालांकि, अब तक निशांत ने राजनीति में उतरने को लेकर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है, लेकिन समर्थकों की ओर से लगाए गए इन पोस्टरों ने अटकलों को बल दे दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी के भीतर भी अब इस मुद्दे पर चर्चा होने लगी है।
तेजस्वी यादव ने कसा तंज
पोस्टर विवाद पर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार को घेरा। तेजस्वी ने कहा, “मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि उनके बेटे राजनीति में आएंगे या नहीं। जनता को भ्रम में नहीं रखा जाना चाहिए।” तेजस्वी के इस बयान से जदयू और आरजेडी के बीच राजनीतिक घमासान और तेज हो गया है।
जदयू के भीतर भी उठे सवाल
जदयू के भीतर भी इस मुद्दे को लेकर मतभेद उभरकर सामने आ रहे हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) भगवान सिंह कुशवाहा ने निशांत की संभावित राजनीतिक एंट्री पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, “यदि निशांत राजनीति में आते हैं, तो नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव में क्या फर्क रह जाएगा?” भगवान सिंह का यह बयान जदयू के अंदर बढ़ते असंतोष को दर्शाता है।
अब तक चुप्पी साधे हैं नीतीश कुमार
इस पूरे विवाद के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अब तक इस मुद्दे पर कोई बयान नहीं दिया है। हालांकि, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में जदयू की रणनीति को लेकर बड़ा संकेत मिल सकता है। कई विशेषज्ञों का कहना है कि पार्टी के अंदर निशांत को लेकर चर्चा जरूर हो रही है, लेकिन इसकी सार्वजनिक घोषणा फिलहाल नहीं हुई है।
कौन हैं निशांत कुमार?
निशांत कुमार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इकलौते बेटे हैं। वे राजनीति से अब तक दूर रहे हैं और एक साधारण जीवन जीते हैं। बताया जाता है कि वे आध्यात्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं और राजनीति में रुचि नहीं रखते। इसके बावजूद, जदयू समर्थकों का उनके समर्थन में पोस्टर लगाना यह दर्शाता है कि कुछ लोग उन्हें सक्रिय राजनीति में लाना चाहते हैं।
क्या परिवारवाद की राह पर जदयू?
निशांत कुमार की संभावित राजनीतिक एंट्री को लेकर जदयू की आलोचना भी हो रही है। विपक्ष इसे परिवारवाद का उदाहरण बता रहा है। आरजेडी ने इसे नीतीश कुमार की कमजोर होती पकड़ का संकेत बताया है।
फिलहाल, बिहार की राजनीति में निशांत कुमार की एंट्री को लेकर स्थिति साफ नहीं है, लेकिन पोस्टर विवाद ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को गर्म कर दिया है।
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